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अगर आपके मन में à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ हैं तो हम आपको बता दें कि सफलतापूरà¥à¤µà¤• गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने के लगà¤à¤— 4-8 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के अंदर पीरियडà¥à¤¸ आने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ महिला के लिठशारीरिक और मानसिक रूप से दà¥à¤–दाई होता है। कà¤à¥€ महिला को सà¥à¤µà¤¤: गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हो जाता है, तो कà¤à¥€ कà¥à¤› मेडिकल कंडीशन के चलते गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ करवाना पड़ता है। इस दौर में महिला को कैसे खà¥à¤¦ का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिठऔर किन बातों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना जरूरी है, यह सब हम इस लेख में बता रहे हैं। साथ ही गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के कितने दिन बाद पीरियड आता है और गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद घरेलू उपचार से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी à¤à¥€ यहां साà¤à¤¾ की गई है।
चलिà¤, तो लेख में आगे बढ़ते हà¥à¤ सबसे पहले गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ पर à¤à¤• नजर डालते हैं। उसके बाद अनà¥à¤¯ बातों पर चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ होना सामानà¥à¤¯ है | Normal Miscarriage Symptoms in Hindi
मिसकैरेज के बाद महिला में ढेरों शारीरिक और मानसिक लकà¥à¤·à¤£ नजर आते हैं। इनमें से कौन-से लकà¥à¤·à¤£ गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद सामानà¥à¤¯ हैं, यह समà¤à¤¨à¤¾ जरूरी है। चलिà¤, आगे जानते हैं गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£, जिनका अनà¥à¤à¤µ महिला को हो सकता है।
पेट में पीरियडà¥à¤¸ जैसे à¤à¤‚ठन या उससे à¤à¥€ तेज à¤à¤‚ठन और दरà¥à¤¦ होना।
3 से 6 हफà¥à¤¤à¥‡ तक रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ या सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होना। कà¤à¥€-कà¤à¥€ खून के छोटे थकà¥à¤•े दिखना।
पहले महीने में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ में हलà¥à¤•ी सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होती है।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ में कà¤à¥€ उदासी और कà¤à¥€ दà¥à¤– और कà¤à¥€ रिलैकà¥à¤¸ फील हो सकता है।
6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में दिमाग में हर समय कà¥à¤›-न-कà¥à¤› चलना और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ शामिल है। अगर यह à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ कà¥à¤› समय बाद खतà¥à¤® नहीं होती, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। इससे डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में जाने से बचा जा सकता है।
पहले महीने में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ में पीठदरà¥à¤¦ à¤à¥€ शामिल है। यह दरà¥à¤¦ तीवà¥à¤° à¤à¥€ हो सकता है।
6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ में पेट में तीवà¥à¤° संकà¥à¤šà¤¨ होना शामिल है। पहले महीने में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ में à¤à¥€ यह शामिल है।
सफेद और गà¥à¤²à¤¾à¤¬ वजाइनल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ हो सकता है।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद कमजोरी हो सकती है।
पहले महीने में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ में सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ व सूजन शामिल है।
कà¥à¤› महिलाओं को बà¥à¤–ार आ सकता है, यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का संकेत होता है, इसलिठतà¥à¤°à¤‚त हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² जाà¤à¤‚।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद पूरी तरह से ठीक होने में कितना समय लगेगा? | Recovery time after a Miscarriage in Hindi
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ से पूरी तरह ठीक होने में कितना समय लगता है, इसका जवाब बहà¥à¤¤ सी बातों पर निरà¥à¤à¤° करता है। जैसे कि महिला का गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ किस महीने में हà¥à¤†, गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ कैसे हà¥à¤† (मेडिकल, सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल या पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक), गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में कितनी दिकà¥à¤•तें आईं थीं, गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के कारण, आदि। माना जाता है कि महिला की गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ जितनी लंबी होती है, गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के दरà¥à¤¦ से पूरी तरह बाहर निकलने में उतना ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ लगता है।
सामानà¥à¤¯ तौर पर बात करें, तो शरीर को गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ से उबरने में दो हफà¥à¤¤à¥‡ का समय लग सकता है। अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ काफी लंबी थी, तो यह वकà¥à¤¤ à¤à¤• महीने तक खींच सकता है। मानसिक व à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ से उबरने में à¤à¤• से दो महीने का समय लग सकता है।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद महिला को à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से अजीब-सा महसूस होता है। कà¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दà¥à¤– व शोक का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होता है। कà¤à¥€ चिंता और तनाव होने लगता है, तो कà¤à¥€ वो गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के लिठखà¥à¤¦ को जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° समà¤à¤¨à¥‡ लगती है। इस अपराधबोध के à¤à¤¾à¤µ के चलते दिमाग में बहà¥à¤¤-सी बातों का घूमना, रोना और उदासी का महिला सामना कर सकती है।
इन à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के चलते गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¥à¤®à¤¾à¤¨ की कमी, बà¥à¤°à¥‡ सपने आना, रात को चौंकना व डर कर उठजाना, खाना अधिक खाने लगना व कम खाने लगना, आदि दिकà¥à¤•तें à¤à¥€ होती हैं।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग à¤à¤•-दो दिन से लेकर दो हफà¥à¤¤à¥‡ तक हो सकती है। अगर गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ पहले या दूसरे महीने में हà¥à¤† हो, तो योनि से रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ कम होता है। इसके बाद अगर गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हो तो 9 से 14 दिनों तक रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ हो सकता है। अगर सरà¥à¤œà¤°à¥€ के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤¬à¥‰à¤°à¥à¤¶à¤¨ कराया गया है, तो बाद में हलà¥à¤•ा रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ ही होता है।
दवाओं का सेवन करके à¤à¤¬à¥‰à¤°à¥à¤¶à¤¨ कराया गया है, तो 5-10 दिन तक रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होता है। कà¥à¤› मामलों में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद महिलाओं को 45 दिनों तक योनि से रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ हो सकता है। रिसरà¥à¤š पेपर बताते हैं कि à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में ही होता है।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सफाई – Uterine cleaning after abortion in Hindi
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सफाई करवाना बहà¥à¤¤ जरूरी है। इससे अंदर बचà¥à¤šà¥‡ की कोशिकाओं और रकà¥à¤¤ को पूरी तरह से साफ हो जाता है। अगर यह सफाई न कराई जाà¤, तो इंफेकà¥à¤¶à¤¨ और अनà¥à¤¯ बीमारियां होने का खतरा रहता है। गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सफाई करवाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को डाइलेशन à¤à¤‚ड कà¥à¤¯à¥‚रेटेज (D & C – Dilation and Curettage) कहा जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सफाई करने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ (cervix) में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š की तरह दिखने वाला औजार डाला जाता है। इस औजार की मदद से डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µ में मौजूद बचà¥à¤šà¥‡ से संबंधित कोशिकाओं को बाहर निकालते हैं। साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की जांच à¤à¥€ करते हैं। आग जानते हैं कि गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के कितने दिन बाद पीरियड
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के कितने दिन बाद पीरियड आता है, इसका जवाब हर महिला के लिठअलग हो सकता है। मेडलाइन पà¥à¤²à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, मेडिकल अबॉरà¥à¤¶à¤¨ (दवाओं से किठगठगरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤) के बाद 4 से 8 हफà¥à¤¤à¥‡ के बीच में पीरियडà¥à¤¸ आ सकते हैं। अगर मिसकैरेज (खà¥à¤¦ से होने वाला गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤) हà¥à¤† है, तो à¤à¥€ पीरियडà¥à¤¸ आने में करीब 8 हफà¥à¤¤à¥‡ तक का समय लग सकता है।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ से अबॉरà¥à¤¶à¤¨ करवाया है, तो 6 हफà¥à¤¤à¥‡ में पीरियडà¥à¤¸ आ सकते हैं। मतलब गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद कम-से-कम चार हफà¥à¤¤à¥‡ और अधिक-से-अधिक आठहफà¥à¤¤à¥‡ में पीरियडà¥à¤¸ हो सकते हैं।
तो रिसरà¥à¤š पेपर के आधार पर बताà¤à¤‚ कि गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के कितने दिन बाद पीरियड आता है, तो इस सवाल का जवाब चार से आठहफà¥à¤¤à¥‡ है। अगर 8 हफà¥à¤¤à¥‡ के बाद à¤à¥€ पीरियडà¥à¤¸ न आà¤à¤‚, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर संपरà¥à¤• करें। अब आगे हम बताà¤à¤‚गे कि गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤¬à¥‰à¤°à¥à¤¶à¤¨ व मिसकैरेज के बाद महिला व उनके पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° के मन में खà¥à¤¯à¤¾à¤² आ सकता है कि गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिà¤à¥¤ जैसे ही महिला पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° अपने आप को पूरी तरह से सेकà¥à¤¸ लाइफ शà¥à¤°à¥‚ करने के लिठतैयार समà¤à¥‡, तब से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद संबंध बनाठजा सकते हैं।
कम-से-कम à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ तक गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिà¤à¥¤ दरअसल, इस दौरान महिला की योनि से रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होता है, इसलिठसंबंध बनाने से बचना ही समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है।
à¤à¤²à¥‡ ही गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ बाद संबंध बनाठजा सकते हैं, लेकिन इसके लिठदोनों पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° का सहज महसूस करना जरूरी है। अगर महिला पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° का मन न हो, तो कà¥à¤› और समय तक रà¥à¤•ें। साथ ही संबंध बनाते समय हमेशा कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ यानी गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें, इससे आगे गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने और यौन संचारित बीमारियों से बचने में मदद मिलती है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के तà¥à¤°à¤‚त बाद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ नहीं करना चाहिà¤à¥¤ महिला के शरीर को रिकवर होने के लिठसमय की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। à¤à¤¸à¤¾ न करने पर होने वाली गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥€ जटिलताà¤à¤‚ हो सकती हैं।
à¤à¤²à¥‡ ही गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद शारीरिक संबंध à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ बाद से ही बनाठजा सकते हैं, लेकिन आप गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ न करें। इससे शरीर को काफी नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चता है और शरीर की कमजोरी के कारण दोबारा गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा हो सकता है।
वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हà¥à¤ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में कहा गया है कि अगर कम समय वाली गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ समापà¥à¤¤ हà¥à¤ˆ है, तो गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के दो से तीन महीने में गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर सकते हैं। अगर लंबी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हà¥à¤† है, तो गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के लिठà¤à¤• साल का इंतजार जरूर करना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद कमजोरी बहà¥à¤¤ होती है। महिला के योनि से होने वाला रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ और शरीर में अंदरà¥à¤¨à¥€ रूप से चल रहे बदलाव के चलते यह कमजोरी होती है। इस कमजोरी को दूर करने के लिठपंजरी का सेवन महिलाà¤à¤‚ कर सकती हैं। पंजीरी से कमजोरी व थकान दोनों कम होती है।
इसके अलावा, महिला को पूरी नींद लेनी चाहिठऔर à¤à¤°à¤ªà¥‚र पानी व संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ इस समय à¤à¤¾à¤°à¥€ काम करने से पूरी तरह बचें। संà¤à¤µ हो तो à¤à¤•-दो हफà¥à¤¤à¥‡ तक बेड रेसà¥à¤Ÿ करें।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद खà¥à¤¦ की देखà¤à¤¾à¤² करना सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी है। महिला गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद कैसे खà¥à¤¦ का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रख सकती है, यह हम आगे बिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से बता रहे हैं।
समय-समय पर चेकअप करवाà¤à¤‚
पैड को लंबे समय तक पहनकर न रखें
खà¥à¤¦ पर घर के सारे कामों का à¤à¤¾à¤° न आने दें
योनि वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ को रोज दो-तीन बार साफ करें
ताजा फल सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ ही सूखे मेवे à¤à¥€ खाà¤à¤‚
तीनों समय à¤à¥‹à¤œà¤¨ में संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार को शामिल करें
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर हलà¥à¤•े वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® व काम करती रहें
डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताई गयी दवाओं का समय पर सेवन करें
मिसकैरेज व à¤à¤¬à¥‰à¤°à¥à¤¶à¤¨ के बाद कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚, यह सवाल बहà¥à¤¤ अहम है। महिला अपने खानपान का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखकर गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ से होने वाली कमजोरी से उबर सकती है।
आयरन – गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद महिला का बहà¥à¤¤ खून बह जाता है, इसलिठनठबà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ के लिठशरीर को आयरन की जरूरत होती है। इससे à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ यानी खून की कमी से बचाव हो सकता है। आयरन के लिठमहिला मटर, बीनà¥à¤¸, ओटमील, किशमिश, खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€, पालक आदि का सेवन करें।
विटामिन सी – आयरन को अवशोषित करने के लिठविटामिन-सी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, इसलिठसंतरे, कीवी, टमाटर, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, गà¥à¤°à¥‡à¤ªà¤«à¥à¤°à¥‚ट, आदि का सेवन करें।
मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® – गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद शरीर में मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की सही मातà¥à¤°à¤¾ हो, तो मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सही रहता है। साथ ही महिला अवसाद से बच सकती है। इसके लिठकेला, बादाम, काजू, साबà¥à¤¤ अनाज, दूध, आदि को डाइट में शामिल करें। इसके साथ ही डारà¥à¤• चॉकलेट का सेवन à¤à¥€ कर सकते हैं। ये सब गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद घरेलू उपचार की तरह काम करते हैं।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जांच कब कराà¤à¤‚? | When to see a doctor after an Abortion in Hindi?
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होते ही महिला को जांच करवानी चाहिà¤à¥¤ सबसे पहले गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सफाई के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ उसके बाद अगर इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने के लकà¥à¤·à¤£ दिखने लगे तो, जैसे कि बà¥à¤–ार होना और योनि से बदबू आना या फिर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमजोरी व लगातार à¤à¤¾à¤°à¥€ सà¥à¤°à¤¾à¤µ होना, आदि।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद सेहत से लेकर मूड को सामानà¥à¤¯ होने में कà¥à¤› वकà¥à¤¤ लगता है। à¤à¤²à¥‡ ही सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ करवाया गया हो या सà¥à¤µà¤¤: गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हà¥à¤† हो, यह समय महिला के लिठमà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। इस समय पà¥à¤°à¥à¤· पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ होती है कि वो महिला की सेहत का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखते हà¥à¤ खानपान पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दे और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समय-समय पर कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• चेकअप के लिठलेकर जाà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के कितने दिन बाद पीरियड आता है, इसे à¤à¥€ टà¥à¤°à¥ˆà¤• करें।
हां, गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ व सूजन होना सामानà¥à¤¯ है। यह गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ में शामिल है।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद पेट/कमर दरà¥à¤¦ हो, तो कà¥à¤¯à¤¾ करें?
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद पेट व कमर में दरà¥à¤¦ होने पर गरà¥à¤® पानी सेंक ले सकती हैं। साथ ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर कà¥à¤› दवाओं का सेवन किया जा सकता है। गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ के बाद घरेलू उपचार कहलाने वाला गरà¥à¤® अजवाइन पानी à¤à¥€ पी सकती हैं।
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